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मन की बात में जल संरक्षण को मिला प्रमुख स्थान, डॉ. ए.के. द्विवेदी ने प्रधानमंत्री का जताया आभार
इंदौर। वरिष्ठ होम्योपैथ चिकित्सक एवं समाजसेवी डॉ. ए.के. द्विवेदी ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा रविवार को प्रसारित ‘मन की बात’ कार्यक्रम में “जल की एक-एक बूंद बचाने” तथा जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की अपील का स्वागत करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया है।
डॉ. द्विवेदी ने बताया कि उन्होंने 25 मई 2026 को प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर देश में बढ़ते जल संकट को देखते हुए “जल ही जीवन है” विषय पर राष्ट्रीय जन-जागरूकता अभियान प्रारंभ करने का सुझाव दिया था। इस पत्र को प्रधानमंत्री कार्यालय ने गंभीरता से लेते हुए जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय को आवश्यक कार्रवाई हेतु अग्रेषित किया था। अब प्रधानमंत्री द्वारा इसी विषय को मन की बात में प्रमुखता से उठाया जाना उनके लिए संतोष एवं प्रसन्नता का विषय है।
डॉ. द्विवेदी ने कहा कि जल संरक्षण केवल पर्यावरण का विषय नहीं है, बल्कि जनस्वास्थ्य, कृषि, खाद्य सुरक्षा, आने वाली पीढ़ियों के भविष्य तथा सतत विकास से भी सीधा जुड़ा हुआ है। यदि प्रत्येक नागरिक जल की एक-एक बूंद बचाने का संकल्प ले, तो देश में जल संकट को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने का संदेश देशवासियों को प्रेरित करेगा और इसे राष्ट्रीय जनआंदोलन का स्वरूप मिलेगा। उन्होंने सभी नागरिकों से अपने दैनिक जीवन में जल का विवेकपूर्ण उपयोग करने, वर्षा जल संचयन को अपनाने तथा जल स्रोतों के संरक्षण में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।
डॉ. द्विवेदी ने कहा कि “जल की हर बूंद बचाना, आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य में निवेश है।” उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में जल संरक्षण को राष्ट्रीय प्राथमिकता मिलने से देश में सकारात्मक परिवर्तन की नई दिशा मिलेगी।


